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सबसे दिल का हाल न कहना लोग तो कुछ भी कहतें हैं
जो कुछ गुज़रे ख़ुद पर सहना लोग तो कुछ भी कहतें हैं

हो सकता है इससे दिल का बोझ ज़रा कम हो जाए
क़तरा क़तरा आंख से बहना लोग तो कुछ भी कहतें हैं

इस जीवन की राह कठिन है पांव मे छाले पड़ते हैं
मगर हमेशा सफ़र में रहना लोग तो कुछ भी कहतें हैं

नए रंग में ढली है दुनिया प्यार पे लेकिन पहरे हैं
ख़्वाब सुहाने बुनते रहना लोग तो कुछ भी कहतें हैं

प्यार को अब तक इस दुनिया ने जाने कितने नाम दिये
हमने कहा ख़ुशबू का गहना लोग तो कुछ भी कहतें हैं

उसकी यादों से रोशन है अब तक दिल का हर कोना
मिल जाए तो उससे कहना लोग तो कुछ भी कहते हैं

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देवमणि पांडेय, हिन्दी और संस्कृत में प्रथम श्रेणी एम.ए. हैं। अखिल भारतीय स्तर पर लोकप्रिय कवि और मंच संचालक के रूप में सक्रिय हैं। अब तक दो काव्यसंग्रह प्रकाशित हो चुके हैं- "दिल की बातें" और "खुशबू की लकीरें"। मुम्बई में एक केंद्रीय सरकारी कार्यालय में कार्यरत पांडेय जी ने फ़िल्म 'पिंजर', 'हासिल' और 'कहां हो तुम' के अलावा कुछ सीरियलों में भी गीत लिखे हैं। फ़िल्म ' पिंजर ' के गीत '' चरखा चलाती माँ '' को वर्ष 2003 के लिए 'बेस्ट लिरिक आफ दि इयर' पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस गीत को सुनने के लिये नीचे प्रस्तुत प्लेयर पर चटखा लगायें:-


हमारे एक सुधी पाठक ने उपर्युक्त गीत के बारे में कुछ शंका ज़ाहिर की थी जिसे जानकर देवमणि जी ने इस संदर्भ में स्पष्टीकरण दिया है - 

"अपनी ग़ज़ल पर इतनी सुंदर टिप्पणियां पढ़कर अभिभूत हूँ| भाई पंकज सक्सेना ने फिल्म 'पिंजर'के गीत के बारे में एक सवाल उठाया है| दरअसल निर्माता की ग़लती से कैसेट/सीडी पर मेरे गीत पर अमृता जी का नाम छप गया था| इस विवाद पर मुम्बई के अख़बारों में बहुत कुछ छप चुका है| वास्तविकता यह है कि अमृता प्रीतम ने 'पिंजर' उपन्यास में एक पंजाबी लोकगीत की चार लाइनें कोट की हैं- 'चरखा जू डाहनीया,छोपे जू पाणीयां,पिणियां ते वाले मेरे खेस नी......|’ निर्देशक डॉ.चंद्रप्रकाश द्विवेदी के अनुरोध पर मैने इसी को बेस बनाकर 16 लाइनों का एक गीत लिखा था| जब मैने यह गीत लिखा था उस समय अमृता जी इतनी बीमार थीं कि चलने फिरने की स्थिति में नहीं थीं| बहरहाल मैं इस गीत का प्रेरणास्रोत अमृता जी को ही मानता हूं और उनका आभारी हूँ|"

हम अपने ऐसे पाठकों के आभारी हैं जो हमें इतने ध्यान से पढ़ते हैं और किसी भी संभावित चूक की तरफ हमारा ध्यान आकर्षित करते हैं। आशा है कि आप भविष्य में भी ऐसा ही स्नेह बनाये रखेंगे ।