कोमल कोमल पंखो वाली
नभ को देखो छूने वाली
रंगीनी बरसाने वाली
प्यारी तितली आई है
एक संदेशा लाई है

हिन्दु मुस्लिम सिख ईसाई
आपस मे है भाई- भाई
सब संग मिलकर रहा करो
प्यार सभी से किया करो
सदाचार अपनाओ तुम
भूलों को राह दिखाओ तुम

हो भविष्य कल का तुम
सच्चाई को अपनाओ
जैसे रंग- बिरंगे पंख
उस तितली से बन जाओ॥