साहित्य शिल्पी (www.sahityashilpi.com) इंटरनेट पत्रिका की स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर फरीदाबाद सेक्टर-17 स्थित मॉडर्न स्कूल में दिनांक 12/09/2009 को ‘वार्षिकोत्सव’ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ व्यंगकार डॉ. प्रेम जन्मेजय ने की।

(श्रीमति कुमार मुख्य अतिथि डॉ. प्रेम जन्मेजय का स्वागत करते हुए)

कार्यक्रम में अनेक वरिष्ठ साहित्यकार, ब्लॉगर तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

(श्री योगेन्द्र मौदगिल, दीप प्रज्ज्वलित करते हुए)

दीप प्रज्वलन के पश्चात माँ सरस्वती की वंदना मॉडर्न स्कूल के विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की।



( मॉडर्न स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना)

साहित्य शिल्पी द्वारा इंटरनेट पर जारी किए गए संगीत एलबम अनहद गीत के एक गीत का प्रस्तुतिकरण किया गया जिसका संगीत संयोजन किया था श्रीमती रीना कपिल ने।

( जी. बी.एन स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा अनहद गीत अलबम से गीत प्रस्तुति)

मॉडर्न स्कूल की प्राचार्या श्रीमती नीलिमा जैन ने प्रथम साहित्य शिल्पी सम्मान श्री जे. के. कुन्द्रा को प्रदान किया। (श्री जे. के. कुन्द्रा पिछले चालीस वर्षों से साहित्यिक सेवा रत हैं)। कुंद्रा जी ने अपने उद्बोधन में पुस्तकों के प्रति नयी पीढ़ी के रुझान को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


इसके पश्चात साहित्य शिल्पी के संचालक सदस्य श्री राजीव रंजन प्रसाद ने साहित्य शिल्पी के पिछले एक वर्ष के कार्यकलापों से उपस्थित जनसमूह से परिचय कराया।


श्री योगेन्द्र मौदगिल ने इन्टरनेट को महत्वपूर्ण माध्यम बताया जिसके द्वारा साहित्य की सेवा की जा सकती हैं।


डॉ प्रेम जन्मेजय जो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे; ने कहा कि साहित्य शिल्पी ने साहित्य के क्षेत्र में मानक तथा बड़ा काम कर दिखाया है। यह साहित्य को व्यापकता देने वाला प्रयास है। इंटरनेट को अब गंभीरता से लिया जाना चाहिये।


कार्यक्रम में छोटे बच्चों ने अपनी कविताओं से मंत्रमुग्ध किया जिसके बाद काव्यगोष्ठी का आरंभ हुआ। वरिष्ठ तथा प्रसिद्ध कवि श्री दिनेश रघुवंशी नें काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता की।


काव्य गोष्ठी का संचालन प्रसिद्ध कवि श्री दीपक गुप्ता ने किया।


काव्य गोष्ठी में श्री दिनेश रघुवंशी, श्री योगेन्द्र मौदगिल, श्रीमती मीनाक्षी जिजीविषा, पवन कुमार चंदन, योगेश समदर्शी, विकेश बेनीवाल, अनिल बेताब, नमिता राकेश, वेद व्यथित, सुनीता शानू, अब्दुल रहमान मंसूर, शोभा महेन्द्रू, बागी चाचा, विरेन्द्र कंवर आदि अनेक कवि-कवयित्रियों नें हिस्सा लिया।

(काव्य गोष्ठी की एक झलक)

कार्यक्रम का समापन श्री मोहिन्दर कुमार ने किया।


कार्यक्रम में अनेक साहित्यकार तथा ब्लॉगर्स उपस्थित थे।






कार्यक्रम का ब्ळोग़र्स महासम्मेलन भी महत्वपूर्ण हिस्सा था जिसे “नुक्कड” के सहयोग से आयोजित किया गया। इस संदर्भ में विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जायेगी।

(ब्लॉगर्स महा सम्मेलन की एक झलक)

इस कार्यक्रम का संचालन श्री अविनाश वाचस्पति ने किया।


कार्यक्रम में मॉडर्न विद्यालय, फरीदाबाद तथा जी.बी.एन विद्यालय, फरीदाबाद के अध्यापकों व विद्यार्थियों की भी प्रस्तुति व उपस्थिति थी।




उपस्थित अतिथियों तथा साथियों में अविनाश वाचस्पति, अभिषेक सागर, अजय यादव, शेफाली पाण्डेय, विनीत कुमार, अरूण अरोरा, रितु रंजन, पवन चंदन, अजय कुमार झा, विनोद कुमार पाण्डेय, राजीव तनेजा, सुनीता शानू, अमन दलाल, इरशाद अली, विनीत कुमार, पुष्कर पुष्प, सुरेश यादव, खुशदीप सहगल, सुलभ सतरंगी, संजू तनेजा, विनोद कुमार पांडेय, नमिता राकेश, योगेश समदर्शी, शोभा महेन्द्रू, रचना सागर, सविता रंजन, वीरेन्द्र कंवर, विकेश बेनीवाल, अनिल बेताब, डॉ. वेद व्यथित, अब्दुल रहमान मंसूर, बागी चाचा, तन्हा् सागर, क्षिप्रा पांडेय, मीनाक्षी जिजीविषा आदि प्रमुख थे।